14500 करोड़ के घोटाले में अहमद पटेल से पूछताछ, पूर्व सीएम कमलनाथ के भतीजे के घर छापे

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New Delhi : ईडी की एक टीम ने शनिवार 27 जून को संदेसरा बंधुओं (स्टर्लिंग बायोटेक फार्मा) से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में कांग्रेस के सीनियर लीडर अहमद पटेल से पूछताछ की। ईडी ने यह पूछताछ पटेल के दिल्ली में उनके घर की। 2017 में गुजरात की स्टर्लिंग बायोटेक फार्मा कंपनी पर करोड़ों रुपए की मनी लॉन्ड्रिंग का आरोप लगा था। इस कंपनी के प्रमोटर चेतन और नितिन संदेसरा हैं। अगस्त 2019 में अहमद पटेल के बेटे फैसल से भी इस बारे में पूछताछ की जा चुकी है

एजेंसी मामले में बयान दर्ज करने के लिए पटेल के घर गई थी। उन्हें पहले भी पूछताछ के लिए बुलाया गया था, लेकिन तब नेता ने कोरोना के दिशानिर्देशों का हवाला दिया और पहुंचने में असमर्थता व्यक्त की। स्वास्थ्य मंत्रालय ने कोरोना वायरस की महामारी से खुद को बचाने के लिए 65 साल से अधिक उम्र के नागरिकों के लिए घर पर रहने की सलाह जारी की थी।
यह आरोप है कि स्टर्लिंग बायोटेक ने आंध्र बैंक के नेतृत्व वाले कंसोर्टियम से 5,000 करोड़ रुपये से अधिक का ऋण लिया है, जो गैर-निष्पादित परिसंपत्तियों में बदल गया। कथित ऋण चूक की कुल मात्रा 8,100 करोड़ रुपये आंकी गई है।
कई नोटिस के बावजूद कंपनी प्रमोटर्स ने रकम वापस नहीं की। बैंक ने इसकी शिकायत सीबीआई से कर दी। बाद में जांच ईडी को सौंप दी गई। उसने दिल्ली और गाजियाबाद में सात स्थानों पर छापेमारी की थी। जिन लोगों के यहां छापेमारी की गई थी, वो पटेल के करीबी बताए गए थे। अगस्त 2019 में पटेल के बेटे फैसल और दामाद से भी पूछताछ की जा चुकी है। वैसे, यह मामला कुल 14 हजार 500 करोड़ रुपए का बताया जाता है।

केंद्रीय जांच ब्यूरो ने शुक्रवार को मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ के भतीजे रतुल पुरी से जुड़े कई परिसरों में तलाशी ली, जिसमें गुरुवार को पंजाब के नेतृत्व में बैंकों के एक कंसोर्टियम को धोखा देने के आरोप में उनके खिलाफ एक ताज़ा एफआईआर दर्ज की गई थी। 787 करोड़ रुपये का नेशनल बैंक (पीएनबी), इस मामले से परिचित अधिकारियों ने कहा। पीपीई (व्यक्तिगत सुरक्षा उपकरण) पहनी एजेंसी की टीमों ने दिल्ली और नोएडा में कई इमारतों पर छापा मारा।