कारगिल यु’द्ध के बाद गलवान घाटी पर चीन को सबक सिखाने के लिए घाटी में आयेंगे ये योद्धा

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लद्दाख बॉर्डर पर चीन की धो’खे के बाद अब भारत उसको चारो तरफ से घे’रने की तैयारी कर रहा हैं. पेंगोंग शो झील से लेकर गलवान घाटी तक भारत के सैनिक चीन की आँखों में आंखे डालकर डटे हुए हैं. भारत ने चीन की इस हरकत के बाद बॉर्डर पर अपने सैनिकों की तादात बढ़ा दी हैं. इन सबके बीच भारत ने कुछ प्रशिक्षित सैनिकों को भी वहां पर तैनात कर दिया हैं.

भारत ने चीन से लगती 3,488 किलोमीटर लंबी वास्तविक नियंत्रण रेखा  पर ऊंचाई वाले इलाकों में लड़ने के लिए प्रशिक्षित जवानों की तैनाती कर दी है. ये जवान ड्रैगन सेना की पश्चिम, मध्य या पूर्वी सेक्टर में किसी भी हिमाकत का करारा जवाब देने के लिए तैयार हैं.  अखबार हिंदुस्तान टाइम्स के अनुसार शीर्ष आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि भारतीय सेना को चीनी सेना की सीमा उल्लं’घन की किसी भी ह’रकत का करारा जवाब देने का आदेश दिया गया है.

कहा ये भी जाता है कि भारत के इन विशेषज्ञ जवानों के पिछले दशकों में उत्तरी फ्रंट पर लड़ने के लिए प्रशिक्षित किया गया था. चीनी सेना जहां सड़क के रास्ते सैन्य साजोसामन सीमा पर ला रहे हैं वहीं पर भारतीय माउंटेन जवानों का दस्ता ऊंचाई वाले इलाके में गुरिल्ला युद्ध के लिए ट्रेंड होते हैं जैसा कि हम करगिल के युद्ध में देख चुके हैं.दरअसल ये समझा जाता है कि ये जो माउंटेन जवान होते हैं. इनके आगे कोई टिक नहीं पता हैं और ये सभी जवान उत्तराखंड, लद्दाख, गोरखा, अरुणाचल और सिक्खिम में इनकी तैनाती है और इनके सामने कोई भी टिक पाना काफी कठिन माना जाता हैं.