पहले ही घर मे थी 4 बेटियां, फिर एक साथ हुआ 3 बेटियो का जन्म, पिता ने जो किया हो रही सराहना

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बेटियों को हमारे समाज में बोझ समझा जाता है। अब आधुनिक विचारों ने समाज की विचारधारा में थोड़ा से बदलाव कर दिया है नहीं तो पहले लोग कोख में ही लड़कियों को मार देते थे। सबके मन में यही ख्याल रहता है कि लड़कियों को पढ़ाएगा कौन, शादी कैसे होगी, दहेज कहां से आएगा आदि और यही कारण है कि उन्हें अपना नहीं समझा जाता है। रोज़ बेटियों से जुड़े आप ऐसे किस्से सुन लेंगे जिनसे आपका दिल दहक उठेगा मगर आज हम आपको एक ऐसा किस्सा बताएंगे जिसको सुनने के बाद आपको भी गर्व महसूस होगा।

ये मामला है गाजूसर के गांव का। यहां इंद्रजीत नाम का एक व्यक्ति रहता है। इंद्रजीत शनिवार सुबह 3 बच्चियों के बाप बने हैं जबकि उनके घर में 4 बेटियां पहले से ही मौजूद थीं। शनिवार को उनकी पत्नी को प्रसव पीड़ा हुई तो उन्हें फौरन अस्पताल ले जाया गया और फिर इंद्रजीत की तीन बेटियां हुईं। घर में पहले से ही 4 बेटियां मौजूद थीं और फिर एक साथ 3 बेटियों ने जन्म लिया फिर भी इंद्रजीत के घर में खुशी की लहर दौड़ रही थी। इंद्रजीत बस आठवीं पास हैं और एक छोटी सी नौकरी करते हैं मगर आज वो अन्य लोगों के लिए मिसाल हैं।

इंद्रजीत ने कहा कि “जिस घर में बेटियां नहीं होती वो घर घर नहीं होता है।” इंद्रजीत की 5 बेटियां थीं मगर किसी कारणवश एक बेटी भगवान को प्यारी हो गई जिसकी वज़ह से सब दुखी हो गए थे मगर भगवान की माया तो देखो एक बेटी के बदले 3 और बेटियां इंद्रजीत के घर में आ गईं।

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लड़के के जन्म की ख़ुशी में मिठाई बांटते आपने बहुतों को देखा होगा। लेकिन, लड़की के जन्म पर शायद आपने किसी को इतनी ख़ुशी मनाते हुए नहीं देखा होगा। जानकारी के अनुसार इंदरजीत के दादा ने तीनो बच्चियों के जन्म की ख़ुशी में गाँव में मिठाईयां बाँट दी। इंद्रजीत के दादा ने बच्ची होने की खुशी में 11 किलो मिठाई बंटवाई है। इसके इलावा सरपंच के देवर ने तीनों बेटियों के लिए 2100 रुपए दिए। साथ ही घोषणा भी कर दी कि उनके कार्यकाल में ग्राम पंचायत में बेटियों के जन्म पर बेटी धन योजना के तहत 500 रुपए दिए जाएंगे। इंद्रजीत का परिवार ही नहीं बल्कि पूरा गांव बेटियों के जन्म से बहुत खुश है।