अंबानी का मास्टरस्ट्रोक- सिर्फ 35 ही दिनों में जियो की संपत्ति 20 बिलियन डॉलर बढ़ गयी

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अप्रैल 23 को जियो ने फेसबुक के साथ समझौते के तहत अपने पहले विदेशी निवेश को पक्का किया था। उसके बाद से लगभग 1 महीने के समय में ही Jio 4 बड़े निवेश समझौता कर चुकी है। सबसे पहले फेसबुक ने जियो में 9.9 प्रतिशत की हिस्सेदारी खरीदते हुए 6 बिलियन डॉलर का निवेश किया था। उसके बाद से लेकर Silver lake, vista equity, general Atlantic और KKR जैसी कंपनियाँ जियो में क्रमशः 1.15 प्रतिशत, 2.23 प्रतिशत, 1.34 प्रतिशत और 2.23 प्रतिशत हिस्सेदारी खरीद चुकी हैं। अब हिंदुस्तान टाइम्स की एक रिपोर्ट के अनुसार अमेरिकी टेक कंपनी Microsoft भी Jio में ढाई प्रतिशत हिस्सेदारी के लिए 2 बिलियन डॉलर का निवेश करने जा रही है। माइक्रोसॉफ़्ट अभी जियो में ढाई प्रतिशत हिस्सेदारी खरीदने को लेकर इच्छुक है।

इन सभी investments से पहले जियो कंपनी की मार्केट वैल्यू 60 बिलियन डॉलर पर थी और Jio को मुकेश अंबानी जल्द ही अमेरिकी स्टॉक एक्स्चेंज भी भी लिस्टिड करा सकते हैं। जितनी भी कंपनीयों ने अब तक जियो में निवेश किया है, वे सभी अमेरिकी कंपनियाँ हैं। मुकेश अंबानी अभी अमेरिकी वित्तीय बाज़ार में अपनी कंपनी को लोकप्रिय बनाने में जुटे हुए हैं।

अब जब माइक्रोसॉफ़्ट जियो कंपनी मे निवेश करने जा रही है, तो वह मात्र ढाई प्रतिशत हिस्सेदारी के लिए 2 बिलियन डॉलर निवेश करेगी। यानि मुकेश अंबानी की कंपनी की कुल मार्केट वैल्यू 80 बिलियन डॉलर पर पहुँच जाएगी। अगर हम मीडिया रिपोर्ट्स के आंकड़ों पर गौर करें, लॉकडाउन के बावजूद Jio की कुल कीमत 35 दिनों में 20 बिलियन डॉलर हो चुका है। अगले साल तक जियो कंपनी अमेरिकी स्टॉक एक्सचेंज पर लिस्ट हो सकती है और तब तक Jio की मार्केट वैल्यू 100 बिलियन डॉलर को पार कर सकती है।

माइक्रोसॉफ़्ट के अलावा Sovereign Wealth funds जैसी विदेशी निवेशक भी जियो में निवेश करने का विचार का रही है। इसके अलावा कई मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक अबू धाबी की Mubadala और सऊदी अरब की Public Investment Fund भी जियो में क्रमशः 1.2 बिलियन और 1.5 बिलियन डॉलर का निवेश करना का सोच रही हैं।

इसी साल फरवरी में माइक्रोसॉफ्ट के सीईओ सत्या नडेला भारत के दौरे पर आए थे और मुकेश अंबानी से मुलाकात की थी। माना जा रहा है कि उस दौरान दोनों कारोबारी दिग्गजों के बीच बातचीत हुई थी। उस दौरान मुकेश अंबानी ने बातचीत में कहा था कि भारत में ऑनलाइन गेमिंग का अच्छा भविष्य है और इस सेक्टर में ऑनलाइन एंटरटेनमेंट और कंटेंट दोनों के मुकाबले ज्यादा संभावनाएं हैं।

माइक्रोसॉफ़्ट से आना वाला निवेश माइक्रोसॉफ़्ट और जियो के रिश्तों को और मजबूत करेगा। पिछले साल दोनों कंपनिया यह ऐलान कर चुकी हैं कि माइक्रोसॉफ़्ट का Azure जियो के डेटा को अपने सर्वर पर होस्ट करेगा। इसके अलावा मुकेश अंबानी अब भविष्य में Jiomart को लेकर भी माइक्रोसॉफ़्ट के साथ मिलकर काम कर सकते हैं। 39 करोड़ उपभोक्ताओं के साथ अंबानी Jio के माध्यम से देश के सभी किराना स्टोर्स को एक ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म पर लाने का प्रयास कर सकते हैं, और आसानी से सफलता हासिल कर सकते हैं।

अंबानी जियो की अब तक 17.1 प्रतिशत हिस्सेदारी बेच चुके हैं, और भविष्य में वे और भी बेच सकते हैं, और जल्द ही कंपनी को कर्ज़-मुक्त कर सकते हैं, जैसा कि उन्होंने अपने निवेशकों से वादा किया हुआ है।