ISRO फिर रचेगा इतिहास, लॉन्च करेगा ये खास सैटेलाइट, दुश्मनों के लिए है काल

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नई दिल्ली: इंडियन स्‍पेस रिसर्च ऑर्गनाइजेशन (इसरो) इस साल का अपना पहला सैटलाइट शनिवार को लॉन्‍च करने जा रहे हैं। इसरो दोपहर करीब 3 बजे श्रीहरिकोटा के सतीश धवन स्‍पेस सेंटर से इस सैटलाइट को लॉन्‍च करेगा। पीएसएलवी सी-49 देश के रडार इमेजिंग उपग्रह (सैटेलाइट) और 9 अन्य विदेशी उपग्रहों को लेकर जाएगा।

इस रॉकेट को दस सैटेलाइट्स के साथ शनिवार दोपहर 3 बजकर 02 मिनट पर लॉन्च होने की संभावना है, लेकिन मौसम अगर खराब हुआ तो इसरो ने इसके लिए बैकअप प्‍लान तैयार किा हुआ है। इस लॉन्‍च के साथ इसरो 328 विदेशी सैटलाइट अंतरिक्ष में भेजने में कामयाबर हासिल कर लेगा। इसके अलावा यह इसरो का 51वां मिशन होगा।

जानिए इसकी खासियत
ईओएस-01 अर्थ ऑब्जरवेशन रिसेट सैटेलाइट का एक एडवांस्ड सीरीज है। इसरो ने इसमें सिंथेटिक अपर्चर रडार (एसएआर) लगाया है। किसी भी समय और किसी भी मौसम में पृथ्वी पर नजर रख सकेगा।

इस सैटेलाइट की सबसे बड़ी खास बात यह है कि इससे बादलों के बीच भी पृथ्वी पर नजर रखी जा सकती है और स्पष्ट तस्वीर ली जा सकती है। यह दिन-रात की तस्वीरें खींच सकता है और निगरानी करने के साथ-साथ ही नागरिक गतिविधियों के लिए उपयोगी साबित होगा। इससे मिलिटरी सर्विलांस में सहायता मिलेगी। इसके साथ साथ ही खेती, वानिकी, मिट्टी की नमी मापने, भूगर्भ शास्‍त्र और तटों की निगरानी में भी यह मदद करेगा।

सेना के लिए साबित होगा मददगार
सैटेलाइट ‘EOS-01’ से भारतीय सेना दुश्मनों की आसानी से निगरानी कर सकेगी। ये सैटेलाइट सीमा पर पैनी नजर रख सकेगी। इससे आतंकियों की घुसपैठ रोकने में भी कामयाबी मिलेगी। यह सैटेलाइट भारतीय सेना के लिए काफी मददगार साबित होगी।

इस सैटेलाइट को लॉन्च करने का काउंटडाउन शुक्रवार को शुरू हो गया। शनिवार को लॉन्च होने वाला एकमात्र भारतीय सेटेलाइट देश के लिए काफी अहम है। जिनको आज लॉन्च किया जाना है उनमें भारत का EOS-01 (अर्थ ऑब्जर्वेशन सैटेलाइट) लिथुआनिया का एक प्रौद्योगिकी डेमन्स्ट्रेटर, लक्समबर्ग के चार मैरीटाइम एप्लीकेशन सैटेलाइट और अमेरिका के चार लेमुर मल्टी मिशन रिमोट सेंसिंग सैटेलाइट शामिल हैं।