ट्रंप को मिलेगी हार या होगी जीत?, जानें, 36 साल से सटीक भविष्यवाणी कर रहे शख्स ने क्‍या कहा

ट्रेडिंग

सिद्ध इतिहासकार और अमेरिकन यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर एलन लिचमैन पिछले 36 साल से अमेरिका के राष्ट्रपति चुनाव में विजेता की सटीक भविष्यवाणी करते आ रहे हैं । साल 2016 में भी डोनाल्ड ट्रंप की राष्ट्रपति चुनाव में जीत की भविष्यवाणी इन्होंने ही की थी । इस बार लिचमैन का कहना है ये जानकर ट्रंप समर्थक नाराज हो सकते हैं क्‍योंकि लिचमैन के मुताबिक ट्रंप को बाइडन कांटे की टक्‍कर दे सकते हैं और परिणाम ऐसे हो सकते हैं ।

लिचमैन ने की भविष्‍यवाणी
एलन लिचमैन के मुताबिक ट्रंप का दोबारा सत्‍ता में लौटना मुश्किल है, अमेरिका की जनता ने उन्‍हें नकार दिया है । लिचमैन की ये भविष्यवाणी व्हाइट Trump-Biden-2 हाउस के 13 बुनियादी पैमानों पर दी गई है । जिसमें देश की अर्थव्यवस्था, विरोधी लहर, इनकंबेंसी, कॉन्टेस्ट, योजनाओं में बदलाव के साथ ट्रंप शासन काल में हुए घोटाले और सामाजिक अशांति जैसे फैक्टर शामिल हैं । लिचमैन के मुताबिक अगर इनमें से 6 या उससे ज्यादा फैक्टर खराब हैं तो व्हाइट हाउस में ट्रंप प्रशासन नहीं रहेगा ।

ट्रंप के खिलाफ लहर
फॉक्स न्यूज पर आए ‘दि मॉर्निंग शो’ में लिचमैन ने स्‍पष्‍ट रूप से कहा कि पारंपरिक रूप से चुनावों का अनुमान उम्मीदवारों की तुलना करके ही लगायाTrump-Biden-3 जाता है । हालांकि उनका ध्यान अभी सत्ताधारी पार्टी के बाकी रिकॉर्ड्स पर केंद्रित है । उन्‍होंने कहा कि मेरे तय किए 13 पैमानों में छह नकारात्मक बातें रिपब्लिकन के डोनाल्ड ट्रंप की हार का इशारा करती हैं । जबकि 2019 तक ट्रंप के बारे में केवल 4 नकारात्मक बातें थीं ।

पिछले एक साल में कमजोर हुए ट्रंप
लिचमैन के मुताबिक बीते कुछ महीनों में तीन चीजें ट्रंप प्रशासन के खिलाफ गई हैं । यानी कुल मिलाकर सात ऐसे मुद्दे हैं, जिनकी वजह से ट्रंप के Trump-Biden-1राष्‍ट्रपति चुनाव हारने की पूरी संभावना जताई जा रही है । लिचमैन ने आगे कहा – ‘2016 और वर्तमान स्थिति में फर्क सिर्फ इतना है कि ट्रंप आज सत्ता में हैं । इसका मतलब ट्रंप अपने ही रिकॉर्ड पर चल रहे हैं । 2016 में उनके पास रिकॉर्ड को डिफेंड करने का विकल्प नहीं था । वह जो चाहे कह सकते थे. इससे कोई फर्क नहीं पड़ता । लेकिन में रहते हुए उन्होंने एक भारी गलती की है।’ लिचमैन ने आगे कहा कि 2016 में राष्ट्रपति चुनाव में ट्रंप ने जीत के बाद उन्‍हें नोट लिखकर, मेरी भविष्यवाणी को सराहा था । लेकिन वो खुद ये भूल कर गए, 2020 में जब उनका सामना महामारी और सोशल जस्टिस की मांग जैसे बड़े संकटों से हुआ तो उन्होंने इसे गंभीरता से लेने की बजाय अपने तरीके से निपटना बेहतर समझा।’