मुसलमान मोहम्मद तौसीफ़ खुद को बताता था अंकित शर्मा,उसके मुसलमान दोस्त भी लड़कियों के सामने कहते थे अंकित

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बीकॉम अंतिम वर्ष की छात्रा निकिता हत्याकांड के मुख्य आरोपी तौसीफ ने खुद का नाम अंकित बताकर उससे दोस्ती की थी। तौसीफ को लगता था कि दोस्ती की शुरुआत में कहीं धर्म बीच में न आ जाए। हालांकि यह बात ज्यादा दिन तक छिप नहीं पाई और असली नाम का पता एक दिन चल ही गया।
तौसीफ के असली नाम का पता तब चला जब तौसीफ को उसके एक साथी ने स्कूल में उसे असली नाम से पुकारा। यह खुलासा निकिता के साथ स्कूल में पढ़ने वाली अंशु (बदला हुआ नाम) ने किया है। अंशु फिलहाल कॉलेज में भी निकिता के साथ ही पढ़ती है।
नाम और पहचान न उजागर करने की शर्त पर छात्रा ने बताया कि तौसीफ स्कूल के दिनों से ही निकिता से दोस्ती करना चाहता था, जबकि वह स्कूल में सीनियर था। निकिता जब 11वीं कक्षा में पढ़ती थी, तब तौसीफ 12वीं का छात्र था।
सीनियर कक्षा में होने के कारण कई महीनों तक तौसीफ के असली नाम का उन्हें पता नहीं लग सका। उसने निकिता को अपना नाम अंकित बताया था। हमेशा ही वह निकिता से घुलने मिलने की कोशिश करता रहता था। छात्रा ने बताया कि हालांकि उन दिनों इन सब बातों की ओर हम ध्यान नहीं देते थे। क्योंकि तौसीफ उनकी कक्षा का विद्यार्थी नहीं था, इसलिए ज्यादा बातचीत नहीं होती थी।
आरोपियों से पूछताछ जारी:
निकिता के हत्यारोपियों तौसीफ और रेहान को पुलिस ने दो दिनों के रिमांड पर लिया है। पता चला है कि पूछताछ के दौरान आरोपियों ने कई राज उगले हैं। पुलिस सूत्रों के मुताबिक पूछताछ में तौसीफ ने बताया है कि साल 2018 में उसने निकिता का अपहरण शादी की नीयत से ही किया था। वह स्कूल के दिनों से ही उसे पसंद करता था और शादी करना चाहता था। अपहरण के बाद वह निकिता को मथुरा लेकर गया था। इसी बीच पुलिस ने उसे धर दबोचा। इसके बाद उसके परिवार की पुलिस व समाज के सामने काफी बदनामी हुई और सबके सामने उसे व उसके परिवार को निकिता के परिवार से माफी भी मांगनी पड़ी। तौसीफ की योजना निकिता का अपहरण करके उससे जबरदस्ती शादी करने की थी। इसी कारण सोमवार को उसने अग्रवाल कॉलेज गेट पर निकिता को जबरन कार में डालने का प्रयास किया था। निकिता के विरोध करने पर ही उसे गोली मार दी थी।

हरियाणा के बल्लभगढ़ (Ballabgarh) में निकिता हत्याकांड (Nikita Murder case) में तीसरी गिरफ्तारी हुई है. पुलिस ने नूंह से अजरू को गिरफ्तार किया है. अजरू पर तौसीफ को हथियार मुहैया कराने का आरोप है. निकिता की हत्या में अवैध हथियार का इस्तेमाल हुआ था.

बता दें कि तौसीफ और रेहान की पुलिस रिमांड आज खत्म हो रही है. कोर्ट ने दोनों को दो दिन की पुलिस रिमांड पर भेजा था.

निकिता तोमर (Nikita Tomar)  की हत्या के 3 दिन बीत चुके हैं और 3 दिन में अब तक 3 आरोपी गिरफ्तार कर लिए गए हैं. मुख्य आरोपी तौसीफ और उसके साथी रेहान को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया था. आज इन्हें अवैध हथियार मुहैया कराने वाले अज़रू की भी गिरफ्तारी हो गई है. तौसीफ कैसे निकिता की जिंदगी में एक नासूर बन चुका था,  हम आपको इसकी पूरी कहानीबताएंगे.

निकिता बी.कॉम ऑनर्स के आखिरी वर्ष की छात्रा थी और 26 अक्टूबर वो अपने घर से इस भरोसे के साथ निकली थी कि ये परीक्षा पास करके वो IAS की तैयारी में जुट जाएगी.
घर से अग्रवाल कॉलेज के तक के इस आठ किलोमीटर के सफर के दौरान भाई, बहन और मां के बीच न जाने भविष्य के सपनों को लेकर कितनी बातें हुई होंगी. परीक्षा निकिता को देनी थी, लेकिन परेशान मां और भाई थे, बेटी की परीक्षा अच्छी जाए मन में यही प्रार्थना करते हुए निकिता की मां और भाई कॉलेज के पास ही उसके लौटने का इंतजार करने लगे. लेकिन उन्हें इस बात का जरा सा भी अंदाजा नहीं था कि तौसीफ, निकिता की जान लेने के इरादे से कॉलेज के गेट तक पहुंच चुका है.
कॉलेज के बाहर क्यों नहीं थी पुलिस की गाड़ी?
सवाल पुलिस की भूमिका पर भी उठ रहे हैं क्योंकि, परीक्षाओं के दौरान पुलिस की जिस गाड़ी को अग्रवाल कॉलेज के बाहर होना चाहिए था वो हत्याकांड के समय वहां नहीं थी, पुलिस वहां होती तो शायद तौसीफ निकिता को मारने की हिम्मत नहीं कर पाता. पुलिस की लापरवाही की बात अग्रवाल कॉलेज के प्रिंसिपल भी मानते हैं.

आरोप है कि तौसीफ न सिर्फ निकिता के साथ जबरदस्ती शादी करना चाहता था, बल्कि उस पर अपना धर्म बदलने के लिए भी दबाव डाला जा रहा था. इस बात की तस्दीक खुद निकिता के साथ बी.कॉम ऑनर्स के थर्ड ईयर में पढ़ने वाले उसके दोस्तों ने की है.

निकिता के मानसिक स्वास्थ्य पर भी पड़ने लगा था असर
निकिता के साथ पढ़ने वाले कह रहे हैं कि तौसीफ निकिता को पिछले ढाई महीनों से बहुत ज्यादा परेशान करने लगा था और इसका असर निकिता के मानसिक स्वास्थ्य पर भी पड़ने लगा था. लेकिन हमारी पड़ताल में ये पता चला है कि तौसीफ निकिता को ढाई महीनों से नहीं, बल्कि कई वर्षों से परेशान कर रहा था और इसकी शुरुआत होती है, फरीदाबाद के रावल इंटरनेशनल स्कूल से.

निकिता ने इस स्कूल से 12वीं कक्षा तक की पढ़ाई की थी और तौसीफ भी इसी स्कूल में पढ़ा करता था और यहीं से तौसीफ, निकिता से एकतरफा प्यार करने लगा. आरोपों के मुताबिक, ये एकतरफा प्यार जबरन शादी और निकिता का धर्म परिवर्तन कराने की जिद में बदल गया.

हत्याकांड ने पूरे देश की आत्मा को झकझोर दिया
इस हत्याकांड ने सिर्फ फरीदाबाद नहीं बल्कि पूरे देश की आत्मा को झकझोर दिया है. हर शहर, हर मोहल्ले, हर गांव और हर घर में रहने वाली निकिता जैसी करोड़ों बेटियां आज डरी हुई हैं सहमी हुई हैं क्योंकि, उन्हें नहीं पता कि कब कौन सा तौसीफ उनके तमाम सपनों को अपनी जिद की आग में जला देगा. ये सवाल बहुत संजीदा है और पूरे देश को आज इस सवाल का जवाब ढूंढने की कोशिश करनी चाहिए.