राहुल गाँधी और प्रियंका वाड्रा, भारतीय राजनीती के दो बेहद घिनोने गिद्ध

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राहुल गाँधी और प्रियंका वाड्रा हाथरस की दलित लड़की को न्याय दिलवाना चाहते है, इन लोगो का कहना है की ऊँची जाति के लोगो ने दलित लड़की की आँखें निकाल दी, जीभ और गला काट दिया, हाथ पैर तोड़ दिए, और गैंगरेप कर हत्या कर दी जबकि पोस्ट मोर्तम रिपोर्ट से साबित हो चूका है की लड़की का गैंगरेप तो क्या रेप भी नहीं हुआ, न ही लड़की की जीभ काटी गयी, न ही गला काटा गया, न ही उसकी आँखें ही निकाली गयी, लड़की के साथ मारपीट हुई और उसकी गर्दन में जोरदार चोट लगी, इसी छोट की वजह से लड़की की मौत हुई है अब इस दलित लड़की को राहुल गाँधी और प्रियंका वाड्रा न्याय दिलवाना चाहते है, न्याय मिलना भी चाहिए, सरकार पहले ही सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है और अब अदालत में उनके खिलाफ आंबेडकर के ही बनाये संविधान और कानून से केस चलेगा उत्तर प्रदेश में हाथरस की इस घटना के अलावा पिछले 2 दिनों में कई और घटनाएं हुई है, बलरामपुर में 2 मुसलमानों ने एक दलित लड़की का गैंगरेप किया है जिसमे से एक का नाम मोहम्मद शाहिद और दुसरे का मोहम्मद साहिल है दोनों ने 22 साल की दलित लड़की के हाथ पैर और कमर तोड़ी है, लड़की को  इंजेक्शन लगाया है और उसका कई कई बार गैंगरेप कर मौत के घाट उतारा है 



इसके अलावा बुलंदशहर में भी 14 साल की दलित लड़की का मोहम्मद रिज़वान ने बलात्कार किया है, इसके अलावा आजमगढ़ में भी 8 साल की दलित लड़की का मोहम्मद दानिश ने बलात्कार किया है इन सभी घटनाओं में पीडिता दलित ही है, गैंगरेप भी हुआ है, रेप भी हुआ है, बर्बर तरीके से हत्या भी की गयी है, पर राहुल गाँधी और प्रियंका वाड्रा को न्याय सिर्फ हाथरस की ही दलित को दिलवाना है ये तो हुई यूपी की बात, यहाँ तो योगी सरकार है और राहुल गाँधी तथा प्रियंका वाड्रा के हिसाब से योगी सरकार दलित विरोधी है पर राजस्थान में तो कांग्रेस की ही खुद की सरकार है, पिछले 3 दिनों में राजस्थान में 16 बलात्कार किये गए है और ज्यादातर मामलों में दलित ही पीड़ित है, बारां में 2 दलित बहनों का उन्मादियों ने 3 दिनों तक गैंगरेप किया है पर राहुल गाँधी तथा प्रियंका वाड्रा के लिए सिर्फ और सिर्फ हाथरस की दलित ही दलित है, खुद के शासन वाले राज्य में एक के बाद एक दलित लड़कियों का बलात्कार और हत्या की गयी है, पिछले 1 साल में अलवर इलाके में दर्जन भर दलित लड़कियों की हत्या और रेप की घटना को अंजाम दिया गया है पर राहुल गाँधी तथा प्रियंका वाड्रा को न्याय सिर्फ हाथरस के मामले पर ही चाहिए, इन लोगो को राजस्थान के पीड़ित दलितों के घरों में नहीं जाना और न ही दरिंदो को फांसी पर ही चढ़ाना है साबित होता है की हाथरस की घटना पर राहुल गाँधी और प्रियंका वाड्रा को गन्दी और घिनोनी राजनीती करनी है, इन दोनों को ही दलितों को न्याय दिलवाने से कोई मतलब नहीं है वरना अपने शासन वाले राज्य राजस्थान में ही दलितों को न्याय दिलवा रहे होते, न ही इनको ऐसे मामलों में कोई दिल्चस्बी है जहाँ दलित बेटियों का बलात्कार मुसलमानों द्वारा किया गया है, बिना सोचे कहा जा सकता है की आज की भारतीय राजनीती में राहुल गाँधी और प्रियंका वाड्रा बेहद घिनोने राजनितिक गिद्ध है