₹2000 करोड़ कमा सकते हैं’: गहलोत-पायलट को नोटिस, राजस्थान की कॉन्ग्रेस सरकार पर संकट

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राजस्थान की कॉन्ग्रेस सरकार पर संकट के बादल मंडरा रहे हैं। कॉन्ग्रेस विधायकों की खरीद-फरोख्त कर सरकार गिराने की कोशिश के मामले में पुलिस के स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (एसओजी) ने मुकदमा दर्ज कर जाँच शुरू कर दी है। अशोक गहलोत की अगुवाई वाली सरकार को गिराने के प्रयास में कॉन्ग्रेस और निर्दलीय विधायकों को 20-25 करोड़ रुपए का ऑफर देने के आरोप में दो लोगों को गिरफ्तार भी किया गया है।

एफआईआर के अनुसार, स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप 13 जून को अवैध हथियारों और विस्फोटकों की तस्करी को लेकर टेलीफोन टैपिंग कर रहा था। उस दौरान एक मोबाइल नंबर की कॉल रिकॉर्डिंग भी की गई, जिसमें यह खुलासा हुआ है कि अशोक गहलोत सरकार को गिराने की साजिश रची जा रही है। फ़ोन पर बातचीत में 2 लोग चर्चा करते हैं कि सरकार गिराने से वे 1,000-2,000 करोड़ रुपए कमा सकते हैं, लेकिन यह तभी हो सकता है जब सीएम अपनी इच्छा के अनुसार हो।

एफआईआर के अनुसार, दो पक्षों के बीच राजस्थान के मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री में झगड़े की बात बताई जा रही है। साथ ही कॉन्ग्रेस और निर्दलीय विधायकों को तोड़कर सरकार गिराई जाने की भी बातें सामने आई हैं। कॉन्ग्रेस विधायकों और निर्दलीय विधायकों को 20 से 25 करोड़ रुपए देने के प्रलोभन की भी जानकारी सूत्रों से प्राप्त हुई है।

रिपोर्ट्स के अनुसार, राजस्थान पुलिस ने मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और उनके डिप्टी सचिन पायलट को कॉन्ग्रेस सरकार को गिराने के कथित प्रयासों के संबंध में अपना बयान दर्ज करने के लिए नोटिस जारी किया है। उन्होंने कहा कि पुलिस के स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (एसओजी) ने सत्ता पक्ष के मुख्य ह्विप महेश जोशी को भी अपना बयान दर्ज करने के लिए नोटिस भेजा है।

बताया जा रहा है कि लगभग एक दर्जन विधायक और अन्य को भी जल्द ही नोटिस जारी किए जा सकते हैं। पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि एसओजी ने दो मोबाइल नंबरों की जाँच से सामने आए तथ्यों के आधार पर एफआईआर दर्ज की है। इससे संकेत मिलता है कि सत्तारूढ़ पार्टी के विधायकों को तोड़ने की कोशिश की जा रही थी।

एसओजी द्वारा अशोक गहलोत सरकार को गिराने के लिए कॉन्ग्रेस विधायकों की ‘हॉर्स ट्रेडिंग’ में कथित रूप से शामिल होने के आरोप में एफआईआर दर्ज किए जाने के बाद शुक्रवार (जुलाई 10, 2020) को यह कदम उठाया गया।

रिपोर्ट्स के अनुसार, कॉल रिकार्डिंग से प्राप्त सूचना से यह भी जानकारी में आया है कि कुशलगढ़ विधायक रमीना खड़िया को कथित तौर पर एक बीजेपी नेता द्वारा धन का प्रलोभन देकर अपने पक्ष में करने का प्रयास किया जा रहा है।

कॉल पर महेन्द्रजीत सिंह मालवीय के सम्बन्ध में भी बात होती है कि पहले वो उप मुख्यमंत्री के पाले में थे, अब उन्होनें पाला बदल लिया है। कॉन्ग्रेस विधायकों और निर्दलीय विधायकों को 20-25 करोड़ रुपए के प्रलोभन देने की जानकारी भी सूत्रों से प्राप्त हुई है।

एसओजी की सर्विलांस पर चल रहे नम्बरों की वार्ता में यह भी सामने आया है कि वर्तमान सरकार को गिराकर नया मुख्यमंत्री बनाया जाएगा, लेकिन बीजेपी का कहना कि मुख्यमंत्री हमारा होगा और उप मुख्यमंत्री को केंद्र में मंत्री बना दिया जाएगा। लेकिन उप मुख्यमंत्री का कहना है कि मुख्यमंत्री वो बनेंगे, यह खुलासा भी इन बातचीत में सामने आया है।